आज कल की भागती दौड़ती जिंदगी में सक्रिय (Online) उपकरण एक बेहतर भूमिका निभा रहा है। उसी प्राकर Trading में भी Online Exchange के द्वोरा सूचीबद्ध (Listed) कंपनी के शेयर (Stock) को Trade किया जाता है। आप Stock Market में Trading शब्द सुना होगा, यह सुनने में आसान लगता है पर इसमें Trader का कैपिटल खतम भी हो सकता है। अगर आप किसी भी ज्ञान (knowlegde) के बिना ही ट्रैडिंग (Trading) करते है तो शायद एक या दो Trade में आपको लाभ (Profit) हो जायेगा, पर यह सुसंगत (Consistence) नहीं कर पायेंगे।
इस लेख (Artical) में आपको सभी प्रकार के Trading और उससे जूरी जानकारी को बताया जायेगाँ। Trading करने के बहुत सारे उपकरण आपको सक्रिय (Online) मिल जाते है। जिससे आप उसकी जानकारी जुटा सकते है भारतीय स्टॉक मार्केट को SEBI द्वोरा विनियमित (Regulate) किया जाता है और यह पूरी तरह सुरक्षित है ।
जो लोग Stock Trading करते है उनके लिए मासिक समाप्ति (Monthly Expiry) होता है और जो लोग Index Trading में रुचि रखते है, उनके लिए साप्ताहिक समाप्ति (Weekly Expiry) होती है Trading शुरू करने से पहले छोटी से छोटी बातों को समझना आवश्यक है। Trading में Candle Strick Pattern और Chart Pattern को मूल मान्यता देना होता है। जिससे आप मार्केट के प्रवृत्ति (Mode) और गति (Movement) को समझ सकते है।
Trading क्या होता है ( What is Trading)
शेयर मार्केट में अनेक प्रकार की Trading होती है, फर्क सिर्फ इतना होता है की बड़े Trader (जैसे HNI,NII और QIB) का मूलधन (Capital) अधिक होता है, और छोटे Trader (Retail) का कैपिटल(Capital) कम होता है। जब कोई एक कंपनी के स्टॉक और Index के Lot Size को उसी दिन खरीद (Buy) और उसी दिन या अगले दिन बेच (Sell) दिया जाता है उसे ही Trading कहते है।
यहाँ एक उदाहरण से आपको समझाने की कोशिश करते है की Index Trading या Stock Trading कैसे कम करती है। ABZ Co. Ltd . जो शेयर मार्केट में लिस्ट है, उसके एक Stock का कीमत ₹100 रुपये है, और Trader के Analysis से लगता है की यह स्टॉक का मुल्य आने वाले कुछ दिनों में ₹110 हो जायेगा।
यहाँ Trader को जोखिम प्रबन्ध (Risk Management) कर के फैसला (Decision) लेना आवश्यक होता है। इस स्टॉक का मुल्य बढ़ने के वजह नीचे भी गिर सकता है। तो यहाँ आपको कोई Trading करने की सलाह नहीं दी जा रही है। अगर आप उस स्टॉक को 100 रुपये मुल्य से 100 Qty. खरीद लेते है। तो आपका कुल निवेश (Total Investment) उस कंपनी के स्टॉक में ₹10000 होता है।
अगर उसके दूसरे ही दिन उस स्टॉक का मुल्य ₹110 रुपये हो गया, तो आप उस स्टॉक को बेच सकते है। यहाँ कोई प्रतिबंध (Restriction) नहीं है की सभी स्टॉक को एक साथ ही बेचना होगा। आप उस स्टॉक को ₹110 में 100 Qty. का Sell Order लगा देते है तो आपको उस एक Trading से जो मुल्य मिलेगा, उसमें से अपना निवेशीत मुल्य निकाल लेने कए बाद जो बचता है उसे ही लाभ (Profit) कहते है।
इसके साथ साथ अगर आपके म्यूचूअल फंड में रुचि रखते है तो हाइब्रिड म्यूचुअल फंड के प्रकार और उनका विश्लेषण को जरूर पढ़ें ।
Investing & Trading में क्या अन्तर होता है (Difference Between Investing & Trading)
Investing एक अच्छा विकल्प होता है अपने मूलधन को सुरक्षित रखते हुएँ एक बेहतर लाभ प्राप्त (Earn) कर सकते है। जब कोई इन्वेस्टर किसी स्टॉक में निवेश करने से पहले उसके सभी प्रकार के Financial जैसे Profit & Loss Statement, Balance Sheet, और Cash Flow Statement को Analysis करने के बाद उस कंपनी के Business Model को और स्टॉक के Chart को देख कर, अपने सभी प्रकार के जोखिम प्रबन्ध करने के बाद ही निवेश करते है।
Trading से लाभ (Profit) होता है पर उसके लिए आपको मार्केट के Volatility और अनुभीती (Sentiment) को समझना जरूरी होता है। कभी-कभी मार्केट एक छोटे से न्यूज (News) के कारण बड़ा स्थान परिवर्तन (Move) कर देता है। और अगर यह Move आपके Trade के विपरीत रहा तो आपका मूलधन (Capital) खतम कर सकता है। Trading में आपको Chart Pattern और Candle Strick Pattern को समझना होता है। किसी भी कंपनी के Stock chart या Index के Chart को अलग-अलग Time Frame में देखना चाहिए, क्योंकि यह मार्केट और Trader के अलग-अलग भाव (Sentiment) को प्रदर्शित करता है।
Trading Investing के विपरीत काम करता है, क्योंकि Trading में लाभ करने की कोई परिपूर्ण विधि नहीं होती है। यह आपके Knowledge और समय के ऊपर निर्भर करता है क्योंकि आप जितना मार्केट के Psychology को समझेंगे उतना ही आपका Trading अच्छी होती जायेगी। पर अगर आप किसी अच्छी कंपनी के स्टॉक में निवेश (Investing) करते है, तो आने वाले वर्षों में जरूर कुछ लाभ होगा।
Trading कितने प्रकार की होती है (How many Types of Trading)
जब कोई निवेश (Investment) छोटे अवधि के लिए किया जाता है उसे ही Trading कहते है, यह आप किसी कंपनी के स्टॉक या Indices में कर सकते है। यह बहुत प्रकार की होते है निवेशको (Investor) ने इसे अपने अनुसार अलग-अलग भागों में बाटँ रखा है। यहाँ कुछ लोकप्रिय ट्रैडिंग (Trading) के प्रकार को बतायाँ गया है।
Intraday Trading (एन्टरादे ट्रैडिंग)
शेयर मार्केट में एक Trader प्रति दिन Trading करते है कुछ लोग लाभ करते है तो कुछ हानि करते है। जब एक ट्रैडर (Trader) एक दिन में ही अपने Trade (या सौदे) को काट देता है, चाहे उससे उस Trade में लाभ हो या हानि, उसे ही Intraday Trading कहते है। यह आप Indices या Stock में भी कर सकते है।
Option Trading (ऑप्शन ट्रैडिंग)
यह ट्रैडिंग Indices में किया जाते है, जैसे Nifty-50, Bank Nifty, Sensex, NiftyMid, Nifty Next-50 इत्यादि है। यहाँ ट्रैडर अपने अलग-अलग Technic को इस्तेमाल करके Trading करते है। ऑप्शन ट्रैडिंग बहुत Volatile होता है क्योंकि इसमें Buyer और Seller का भाव (Sentiment) समय-समय पर बदलता रहता है। ऑप्शन ट्रैडिंग का अनुबंध (Contract) साप्ताहिक और मासिक खत्म (Expiry) होते है। आज कल के ब्रोकर (Broker) आपको Option में Trading करने के लिए Pledge और Money Margin देता है।
Delivery Trading (डेलीवेरी ट्रैडिंग)
इस ट्रैडिंग के जरिये ट्रैडर या निवेशक (Investor) को कुछ वर्षों में अच्छा लाभ (Profit) देखने को मिलता है। यह एक सुरक्षित ट्रैडिंग या निवेश भी होता है। इसमे कंपनी के शेयर को खरीद के अपने Demat A/c में होल्ड किया जाता है इसे ही Delivery Trading कहते है।
इसमे निवेशक (Investor) किसी भी कंपनी के शेयर को Buy करने से पहले उसके Fundamental Analysis करता है और उस कंपनी के पिछले वर्षों के शेयर चार्ट को देख कर ही निवेश करता है। Fundamental Analysis एक बड़ा ज्ञान का विषय है जिन लोगों को कंपनी के मैलिक (Fundamental) को समझना आता है वह निवेशक (Investor) मोटा पैसा बना सकता है।
Position Trading (पोजिसन ट्रैडिंग)
इस Trading से निवेशक को लाभ तो अच्छा होता है पर उस लाभ में कर (Tax) 20% लगता है, क्योंकि Position Trading को एक महीने से ज्यादा पर एक वर्ष से कम समय में अपने Position से निकालना (Exit) होता है। जिसको Short Term Gain के अनुसार सरकार इस पर 20% का कर लेती है। वहीं अगर एक वर्ष के बाद उस शेयर को Sell करते है तो आपको 12.5% ही टैक्स देना होता है। Position Trading भी अनुमानित लाभ देता है क्योंकि इसमें एक ट्रैडर अपना लक्ष्य पहले से निर्धारित करता है और डेलीवेरी ट्रैडिंग (Delivery Trading) की तरह कंपनी के शेयर को कुछ समय के लिए होल्ड करते है।
Swing Trading (स्विंग ट्रैडिंग)
इस ट्रैडिंग में आपका मूलधन (Capital) ज्यादा लगता है क्योंकि इसमें ट्रैडर का Position को एक दिन या महीने में ही लाभ या हानि को बुक कर के निकलना (Exit) होता है। इसमें Trader Chart Pattern पर काम करते है जब कोई कंपनी के शेयर या Indices के Chart में कोई Pattern बनता है। तो ट्रैडर उसमें अपना Position लेते है, और कुछ लाभ (Profit) होने पर उस Trade से बाहर निकाल जाते है। यहाँ आपका कैपिटल ज्यादा होने से प्रॉफ़िट भी उसके अनुसार ही होता है।
Scalping Trading (स्कालपिंग ट्रैडिंग)
जब कोई Indices या Stock को बहुत कम समय के लिए Buy या Sell करता है, उसे ही Scalping Trading कहते है। इसमें आपको Lots के आकार के ऊपर मूलधन की आवश्यकता होती है। किसी भी Indices या कंपनी के शेयर के Chart को 1 मिनट या 5 मिनट के टाइम फ्रेम पर ही Scalping Trading सम्भव होता है। आज कल ब्रोकर (Broker) अपने Customer को Margin Trading की सुविधा दे रहे है इसी कारण से Indices और Stock Trading में Trader का झुकाव बढ़ा है।
Margin Trading (मार्जिन ट्रैडिंग)
इस लेख में पहले ही बताया गया है की ब्रोकर (Broker) अपने Customer को मार्जिन की सुविधा प्रदान कर रहे है। जब एक निवेशक या ट्रैडर कम पुँजी के साथ एक बड़े Lot को ट्रेड करते है जिसमें Broker उनकी सहायता करता है। Broker को आपके लाभ या हानि होने से कोई मतलब नहीं रहता है ब्रोकर मार्जिन के लिए एक अच्छा शुल्क (Charge) लेता है और उसके बाद DP Charge अलग से लगता है।
भारत के कुछ बेहतर Trading App और Investing App भी है
भारत में अभी भी शेयर बाजार को लेकर बहुत से मिथ बातें होती रहती है, क्योंकि कुछ अल्प ज्ञान संख्या वाले व्यक्ति इसे जुआँ या सट्टा ही समझते है। इस लेख में आपको कुछ बेहतर ट्रैडिंग App को बतायाँ गया है। जो आपके निवेश और Trading को बहुत साधारण बनाते है यह Trading App वाले Broker कहलाते है। आपको बहुत सी सुविधा प्रदान करते है।
शेयर मार्केट को बहुत से लोग जुआँ समझते है इसके और साँझने कए लिए ये लेख जरूर पढ़ें शेयर मार्केट के झूठ / Myths Of Share Market
Zerodha App
जो भारत के लोकप्रिय Trading App और Investing App है जो अपने विशेषता (Feature) से निवेशक (Investor) और Trader का ध्यान अपनी तरफ खींच रहा है।
Groww App
यह ब्रोकर कुछ ही वर्षों में सबसे ज्यादा Active Broker App बन गया है, और दिन प्रति दिन इसके विशेषता में बदलाव देखने को मिल रहा है। यह एक शुरुआती ट्रैडर और निवेशक (Investor) के लिए बहुत अच्छा Trading App साबित होता है।
Dhan App
यह ब्रोकर अपने विशेषता (Feature) के मध्यम से एक बड़ा मुकाम हासिल करना चाहता है क्योंकि Dhan App अपने विशेषता को Advance Level पर प्रस्तुत करता है। यह Trading App में आपको सभी प्रकार के Segment को देख सकते है, जैसे Stock Trading, Mutual Fund, ETF, Small Case इत्यादि।
ETF की सम्पूर्ण जानकारी के लिए ये लेख आपको पढ़ना आवश्यक है Exchange Trade Fund का सम्पूर्ण ज्ञान हिन्दी
AngelOne App
इस ब्रोकर ने अपने App में कुछ नया करने की कोशिश में लगा रहता है, इसका शेयर भी Exchange पर Listed है। इस ब्रोकर ने अपने App पर बेहतरीन काम किया है। सभी प्रकार के User के लिए इसने अपने App को Design किया गया है।
Upstock App
यह भी एक डिस्काउंट ब्रोकर है जो अपने कारोबार में अच्छा काम कर रहा है। इस App की शुरुआत जनवरी 2012 में शुरू किया है। Upstock भी लगभग सभी Segment में कम करता है जैसे Equity, Future&Option, Currency Trading, Commodity Trading आदि क्षेत्रों में काम करता है।
Trading को कैसे सीखे कुछ साधारण ट्रिक
जब कोई व्यक्ति अधूरी जानकारी ले कर किसी भी काम को करता है तो उस काम का सफल होने की सम्भावना 50-50% होती है। और अगर उस काम का सम्पूर्ण ज्ञान (Knowledge) होने के बाद इस बात की सम्पूर्ण सम्भावना होती है की आपका लक्ष्य जरूर प्राप्त होगा। इसी कारण से सभी ट्रैडर को ट्रैडिंग सीखने पर जोर देना चाहिए ना की लाभ कमाने के पीछे भागना चाहिए।
ट्रैडिंग सीखने या करने की कोई विशिष्ट (Specific) प्रक्रिया (Process) नहीं होता है, इसी आर्टिकल में आपको ट्रैडिंग के सभी प्रकार को बताया गया है। यदि आप अपने मूलधन (Capital) को हानि नहीं करना चाहते है तो एक नियम को Paper Trading के जरिए शुरू करना होगा। इस Paper Trading में अगर आपकी शुद्धता (Accuracy) अच्छी होती है तो उसी नियम (Rule) को Live Trading में लागू करना होता है।