एक सामान्य व्यक्ति अपने बचत के पैसे को सुरक्षित निवेश करना चाहते है तो Exchange Trade Fund एक ऐसा इंवेस्टिंग विक्लप हो सकता है। क्योंकि इसमें भी आप स्टॉक और गोल्ड जैसे ही खरीद (Buy) और बेच (Sell) कर सकते है ETF किसी कंपनी के स्टॉक जैसा परिवर्तनशील (Volatile) नहीं रहता है। आप किसी भी सेक्टर के Exchnage Trade Fund को Buy कर सकते है और उसे औसत (Averaging) करते रहने से लम्बे समय में अच्छा रिटर्न मिलता है।
Exchange Trade Fund क्या है
यह स्टॉक के तरह ही Exchange पर Trade किया जाता है जैसे कोई कंपनी अपना व्यापार बढ़ाना होता है तो मार्केट से पैसा इकट्ठा (Collect) करने के लिए आईपीओ (IPO) लाती है। ठीक उसी प्रकार न्यू फंड ऑफर (New Fund Offer) के द्वोरा मार्केट से फंड इकट्ठा किया जाता है, इससे ही ETF कहते है और यह स्टॉक की तरह ही शेयर मार्केट में Trade किये जाते है।
Exchange Trade Fund को समझने के लिए आपको आईपीओ (IPO) के आर्टिकल को अच्छे से विश्लेषण (Analysis) करना होगा, क्योंकि जब एक न्यू फंड ऑफर (New Fund Offer) के द्वोरा उस कंपनी को मार्केट से फंड मिल जाता है। और फंड के द्वोरा उठाये (Raise) हुऍ पैसे को व्यापार में इन्वेस्ट किया जाता है।
भारत में Exchange Trade Fund के प्रकार क्या-क्या है
आपको ETF के सभी प्रकार NSE के Website में देखने को मिल जाते है। इस आर्टिकल के द्वोरा आप सभी को कुछ अत्यधिक परिमाण (Volume) वाले ETF के प्रकार को बताया गया है। जिसके अनुसार आप अपना Portfolio बना सकते है अगर आप कुछ Exchange Trade Fund का बास्केट बनाते है तो यह आपको मासिक अर्निंग दे सकता है। नीचे कुछ चुनिंदा ETF का लिस्ट और उनके प्रकार को बताया गया है।
Equity Exchange Trade Fund
स्टॉक मार्केट में सभी प्रकार की कंपनी के स्टॉक लिस्ट होते है, अगर आपको किसी एक कंपनी में निवेश करना सही नहीं लगता या फिर आपको ज्यादा रिस्क नहीं लेना है। तो आप एक Equity ETF में निवेश कर सकते है क्योंकि यह सभी प्रकार के Sector के Equity ETF को खरीद सकते है।
इसमें भारत के साथ-साथ दूसरे देशों के भी कंपनी के Equity में निवेश कर सकते है। निवेश शुरू करने से पहले आप उस फंड के परिमाण (Volume) और मार्केट पूंजीकरण (Market Capitilization) जरूर देखना चाहिए। इन दोनों रैशीओ में वृद्दि हो रहा है तो निवेश करने का सही विकल्प होगा।
Bond Exchange Trade Fund
कॉरपोरेट बॉन्ड (Corporate Bond) भी एक प्रकार का Investing विकल्प है इसके सम्पूर्ण प्रकार और ज्ञान को हमारे इस Site में पढ़ सकते है। यह एक ऋण (Debt) फंड होता है इसमें अगर आप डायरेक्ट इन्वेस्ट नहीं करना चाहते है, तो बॉन्ड ETF को Buy कर सकते है। आप NSE के Site में देखेंगे तो वहाँ बहुत से Bond Exchange Trade Fund मिल जायेगा। अपनी जोखिम के अनुसार आप इसमें इन्वेस्ट कर सकते है।
इसके साथ साथ अगर आपको कॉरपोरेट बॉन्ड के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लेनी है तो कॉरपोरेट बॉन्ड का सम्पूर्ण ज्ञान (Complete Knowledge of Corporate Bond) इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें।
Gold Exchange Trade Fund
यह फंड बहुत ही लोकप्रिय है क्योंकि वार्षिक दर से देखा जाय तो गोल्ड के कीमतों में वृद्धी ही देखने को मिलता है। और इसमें उपर्युक्त सभी स्टॉक गोल्ड पर आधारित या उसमें इन्वेस्ट करने वाली कंपनी होती है। यहाँ आप लोग को बताये की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) का भी ETF होता है। सॉवरेन गोल्ड ETF में इन्वेस्ट करना चाहते है तो उस फंड में निवेश कर सकते है। यह Physical Gold से बहुत ही सरल और कम खर्चों की दर (Expanse Ratio) वाला निवेश होता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond) कए बारे में और जानने के लिए Sovereign Gold Bond का सम्पूर्ण जानकारी को जरूर पढ़े।
Silver Exchange Trade Fund
यहाँ दिये गये सभी फंड में आप निवेश कर सकते है सिल्वर में एक उछाल देखने को मिल सकता है। क्योंकि मार्केट में सिल्वर अपने सामान्य प्रतिशत से बढ़ा है पर आने वाले कुछ वर्षों में इसमें एक बढ़ी वृद्धी देखने को मिल सकती है। इसके ETF में आप औसत करते है तो इससे आप लॉंग टर्म में अच्छा प्रॉफ़िट बना सकते है। अगर मासिक कुछ प्रतिशत निकालना चाहते है तो भी इसमे निवेश करके आप प्रॉफ़िट कर सकते है।
Index ETF
इस तरह के ETF में सभी प्रकार के Index को मिल कर एक फंड बनाते है, जैसा की भारत के स्टॉक मार्केट में Nifty50, Banknifty, FinNifty और Sensex इत्यादि के Derivatives को मिल कर एक Exchange Trade Fund बनाते है। यह फंड बहुत ही सिस्टमैटिक रिटर्न देता है जिसमें आपकों ज्यादा उतार-चदाव देखने को नहीं मिलते है। आज कल ब्रोकर भी इन्डेक्स फंड NFO (NEW Fund Offer) को मार्केट में शुरू (Launch) कर रहे है।
Commodity Exchange Trade Fund
कॉमोडिटी का मार्केट कभी भी स्थिर नहीं रहता है सभी को पता ही होगा की कॉमोडिटी अपने एक चक्रीय प्रारूप (Cyclic Format) को अनुसरण करता है। जिसके बारे में आपको गहरा अनुभव होना चाहिए जिसके अनुसार आप कॉमोडिटी मार्केट में ट्रैडिंग कर सकते है, पर आपको कम रिस्क में भी कॉमोडिटी में निवेश करना है तो आप Commodity ETF में निवेश कर सकते है। किसी भी कॉमोडिटी के ETF में उसके Volume और NAV देख कर ही इन्वेस्ट करना उचित होता है।
Sectoral Exchange Trade Fund
इस फंड में सभी प्रकार के कॉम्पनियों का उनके सेक्टर के अनुसार अलग-अलग Exchange Trade Fund होता है जिसमें आप किसी भी सेक्टर में निवेश कर सकते है इसमें रिस्क कम होता है। क्योंकि सेक्टर की सभी कॉम्पनियाँ एक साथ कभी भी नकारात्मक प्रदर्शन नहीं करेगी। यही कारण है की Sector ETF सुसंगत (Consistent) प्रॉफ़िट देता है। और इसको औसत (Average) करते रहना चाहिए जिससे आपका पोर्ट्फोलीओ लम्बे समय में प्रॉफिटेबल हो सके। स्टॉक मार्केट में सभी सेक्टर का एक Basket बना हुआँ होता है Broker के Investing App में जिसमें आप निवेश कर सकते है।
International Exchange Trade Fund
इस फंड के द्वोरा कॉलेक्ट किये गया मूलधन को इंटरनेशनल कंपनी के स्टॉक में इन्वेस्ट किया जाता है। इस ETF में भी बहुत से अलग-अलग इंटरनेशनल सेक्टर में निवेश किया जाता है जिससे एकाधिक (Multiple) विकास होता है। इस प्रकार के Exchange Trade Fund में आप अगर निवेश करते है तो इंटरनेशनल मार्केट के ग्रोथ के साथ-साथ आपका भी निवेश किये गये मूलधन में बराबर (Equal) प्रतिशत से ग्रोथ होता है।
Exchange Trade Fund, Mutual Fund और Index Fund में Comparison
यहाँ कुछ साधारण तुलना करते है ETF , Mutual Fund और Index Fund में कौन-सा बेहतर होगा। इन सभी फंड का सामान्य ज्ञान और उनका लाभ भी समझना होगा जैसा की निम्नलिखित तालिकाओं में दर्शाया गया है। जो आपको सभी प्रकार के प्रश्न के उतर को साधारण भाषा में बताया गया है।
| Comparison | Exchange Trade Fund | Mutual Fund | Index Fund |
| Management | इसके द्वोरा अगर आप किसी Index ETF में या किसी भी ETF में इन्वेस्ट करते है तो उतना ही मुल्य का ETF आपके Demat A/C में Credit हो जाता है। | इसमें एक फंड मैनेजर होता है जो अपने टीम के साथ मिल कर अनैलिसिस करता है, और कॉलेक्ट किये गये पैसे को निवेश करता है। यहाँ आपको पारदर्शिता (Transparency) देखने को नहीं मिलता है। | इसमें जो भी मूलधन आप निवेश करते है वह सीधे भारत के Index के उपर्युक्त Share में आपका पैसा निवेश करता है। क्योंकि Index Fund के द्वोरा आप डायरेक्ट Nifty 50 , Banknifty, Sensex Index में पैसा निवेश करते है। |
| Expanse Ratio | इसमें आपका इक्स्पैन्स रैशीओ दूसरों के तुलना में बहुत कम होता है आपके निवेश किये गये मूलधन का 0.01% -0.9% होता है। | यहाँ म्यूचूअल फंड का इक्स्पैन्स रैशीओ आपके द्वोरा निवेश लिये गये पैसे का 1%-2%होता है। | इसका इक्स्पैन्स रैशीओ लगभग 0.1%-0.9% काटा (Deduct) जाता है। |
| Trade | यह आपको मार्केट के खुले समय में ही Tradable होता है। | इसमें Trade नहीं किया जाता है इसमें आप एसअइपी (SIP) या एकमुस्त (Lumpsum) निवेश कर सकते है। | यहाँ भी आपको Trade की सुविद्य नहीं मिलती है। |
| Price To Buy | यह आपको एक प्रतिबंध मुल्य में और T+1 दिन के बाद आपके Demat में Debit होता है | यह आपको SIP मुल्य पर ही मिलता है पर उस दिन के स्टॉक मार्केट बंद होने के बाद म्यूचूअल फंड के NAV के अनुसार आपके पोर्ट्फोलीओ में दिखता है। | यह भी आपको इन्डेक्स फंड ट्रैडिंग Season के बंद होने के बाद मिलता है और मुल्य भी Season के लास्ट मुल्य पर ही काटा जाता है। |
| SIP Comfort | इसमें भी आप SIP कर सकते है पर मासिक उस ETF को खरीदना होगा। | इसका SIP सीधे आपके बैंक खाते से जुरा (Link) होता है वह मासिक ऑटो-डिडक्ट (Auto-Deduct) होता रहता है। | यहाँ भी आपको Systematic Investment की सुविधा मिलती है जिससे मासिक आपका पैसा उस इन्डेक्स फंड में जाता है। |
म्यूचूअल फंड (Mutual Fund) के सम्पूर्ण ज्ञान के बारे में जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर के पढ़ सकते है।
Exchange Trade Fund में ट्रैडिंग रणनीति कैसे बनाये
इस आर्टिकल के माध्यम से ETF को हिन्दी में समझाने की पूरी कोशिश की गई है। किसी भी ETF या Index ETF में सम्पूर्ण लाभ लेने के लिए एक परिपूर्ण अवधि के लिए निर्धारित रणनीति बनानी होती है। इसमें आपको अपने निवेश का उद्देश्य और समय सीमा निर्धारित करना होता है। एक कठोर रणनीति के अनुसार ही आपको निवेश करना होता है और बाजार के परिस्थिति के अनुसार सही ETF का चयन कर होता है। अपनी मूलधन (Capital) का मूल्यांकन सिर्फ खरीद या विक्री से नहीं किया जाता है उसे आप सही जगह निवेश करने कए बाद उस पर प्राप्त लाभ से स्पष्ट किया जाता है।
इस रणनीति में आप अपने इंवेटमेंट को कितने वर्षों के लिये कर रहे है उसके ऊपर इसका सीधा प्रभाव होता है। इसमें आप दीर्घ अवधि, मध्यम अवधि और लघु अवधि निवेश कर सकते है। दीर्घ अवधि में आपका निवेश (Invested) कैपिटल लगभग 7-10 वर्षों के लिये निवेशित होना चाहिए। मध्यम अवधि में निवेशित कैपिटल 4-6 वर्षों तक और लघु अवधि में निवेशित (Invested) कैपिटल लगभग 1-2 वर्षों का होना चाहिए।
स्टॉक मार्केट में अगर आप निवेशक हो और आप स्टॉक या Exchange Trade Fund (ETF) में निवेश कर रहे है। तो आपको मार्केट के सक्रिय और निष्क्रिय बातों पर ध्यान देना होगा। सक्रिय से तात्पर्य रोज समाचार और कंपनी के त्रैमासिक (Quarterly) रिपोर्ट देखना होता है। तथा निष्क्रिय का मतलब जो की अपने पैसे को लम्बे समय के लिए निवेश करना और उससे अपने सहूलियत के अनुसार समय-समय पर मुनाफावसूली (Profit Booking) करते रहना होता है।
कुछ चुन्नीदा मापदंडो से ETF का विश्लेषण
यह लम्बें अवधी के निवेशको को लाभदायक (Profitable) पोर्ट्फोलीओ बनाने में मदद करता है। आप अपने रुचि के अनुसार इस क्षेत्र के सेक्टर में निवेश या उसका ETF खरीद सकते है।
फंड का आकार और परिमाण (Fund Size And Volume): किसी भी ETF में उसका मार्केट कैपिटल और रोजाना परिमाण (Volume) देख कर ही निवेश करना आवश्यक होता है। अगर आपके चुने हुए Exchange Trade Fund (ETF) में लगभग 10K का Volume होना चाहिए और उसके साथ-साथ मार्केट कैपिटल को देख कर चयन करना उचित होता है।
ETF को शुरू (Luanch) हुएँ कितना समय हुआँ :इसके अनुसार उस ETF ने कितना उतार चड़ाव को पार किया है जैसा की कोई ETF 2005 में लंच हुआँ और उसने अपने समय में 2008 का Ecomony Cricess और 2020 का LockDown को भी देखा है। जो अभी भी अच्छा अभिनय (Perform) कर रहा है जिससे यह पता चलता है की उस ETF के मैनेजर अपने वित्तीय (Financial) को कितने अच्छे से प्रबंधित (Manage) कर रहे है।
Exchange Trade Fund Perform कैसे कर रहा है: किसी भी ETF में निवेश करने से पहले उसका अतीत (Past) और वर्तमान (Present) वितिय देखना आवश्यक होता है। और एक सही निवेशक उसका Balance Sheet, Profit&Loss और Cashflow देखने के बाद ही उसमें निवेश करते है। अगर आपको यह डाटा को समझना नहीं आता तो उसका Net Profit और Borrowing देख कर भी निवेश कर सकते है। जैसे की उसका Net Profit बढ़ना चाहिए उसकी के साथ-साथ Company/ ETF का Borrowing कम होना चाहिए।