जब कोई कंपनी अपने व्यवसाय को बढ़ाने, ऋण को चुकाने या धन जुटाने इत्यादि के लिए जनता (Public) को अपना शेयर बेचना चाहती है, तो वह Public के लिए अपने कंपनी में निवेश का Offer लाती है और इसे ही IPO (Initial Public Offering) कहते है। किसी कंपनी को Mainboard IPO लाने के लिए उसे सबसे पहले SEBI और Exchanges से अनुमति या मंजूरी लेनी पड़ती है, उसके बाद ही वह कंपनी अपना IPO लाता है और अपने कंपनी के शेयर को भारतीय स्टॉक एक्सचेंज (Indian Stock Exchange) में List करवाता है।
Mainboard IPOs in India
| Company Name | Open Date | Close Date | Listing Date | Issue Size(Cr) | Issue Price | Lot Size | Min Investing Amount | Listing At | Lead Manager | Sector | Status |
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Mainboard IPO:
Mainboard IPO के अंतर्ग वह कंपनिया अपना IPO लाती है जिनका आकार बड़ा होता है। Mainboard IPO लाने के लिए कंपनी का Market Capitalization आमतौर पर Rs.500 Cr. से अधिक होता है। Mainboard IPO में Post Issue Paid-up Capital नियुनतम Rs.10 Cr. होता है। यह वह कंपनिया होती है जो काफी स्थिर और बड़ी होती है।
Mainboard IPO लाने के लिए कंपनी को SEBI से मंजूरी लेनी परती है और इसका Verification भी SEBI द्वारा ही किया जाता है। Mainboard IPO वाले कंपनियों का शेयर भारतीय स्टॉक एक्सचेंज NSE और BSE पर लिस्ट होती है। Mainboard IPO में जोख़िम SME IPO के तुलना में कम होता है।