अपने बचत को कैसे बढ़ाये / How To Increase Your Savings

हम सभी लोगों को यह पता है कि एक अच्छे जीवन और वित्त स्थिरता (Financial Stability) के लिए अपने पैसे को बचाना चाहिये जिससे आप एक तनाव मुक्त (Stress Free) जीवन जी सके और अपने सभी लक्ष्य को प्राप्त कर सके। तो चलिए जानते है हम अपने बचत को कैसे बढ़ाये (How To Increase Your Savings)

अपने बचत को कैसे बढ़ाये / How To Increase Your Savings

कई लोग अपने पैसो कि बचत करते है और कई लोग इसमें असमर्थ रहते है। आज यह आर्टिकल दोनों प्रकार के लोगों के लिए है, इसमें हम अपने बचत को कैसे बढ़ाये तथा कुछ छोटे से बदलावों से बचत करना कैसे प्रारम्भ कर सकते है इसपर चर्चा करेंगे।

बचत सबसे पहले (Savings First)

जो व्यक्ति लाखों रुपये महीने कमा रहा है तथा जो व्यक्ति हजारों रुपये महीने कमा रहा है, दोनों ही लोगों को अपने पैसो को बचाने में कठिनाई होती है और महीने के अंत में उनके पास कुछ नहीं बचता है।

हमें बचत करने के लिए सबसे पहले बचत को रखना होगा। हमें अपने Salary या Pocket Money या आपका जो भी आय का स्त्रोत है उसमें से सबसे पहले अपने महीने के बचत के पैसो को निकाल लेना चाहिये और इसे किसी जगह निवेश कर देना चाहिये जहाँ से आप इस रुपये को तुरंत नहीं निकाल पाये।

उदाहरण: यदि आपका Salary 20,000 रुपये है और आप प्रति महीने 3,000 रुपये बचत करना चाहते है तो अपने Salary मिलने के तुरंत बाद ही उसमें से 3,000 रुपयों को किसी RD (Recurring Deposit), Mutual Fund या किसी अन्य जगह जहाँ आप निवेश करना चाहते है वहाँ Transfer कर देते है, और आप मानकर चलते है कि आपकी Salary ही 17,000 रुपये है।

बजट प्लान तैयार करे (Prepare A Budget Plan)

हमें हर महीने अपने सैलरी से पैसो को कही खर्च करने के पहले पेपर, पेन लेकर बजट बनाना चाहिये। हमें महीने के अंत में पैसो कि परेशानी से बचने तथा अपने पैसो को निवेश और बचत के आदत के लिए बजट या प्लान जरूर करना चाहिये।

बजट बनाने से आप समझ पाएंगे कि आप अपने पैसो को कहा-कहा खर्च कर रहे है, जिससे आप उस पैसो को अच्छी तरह मैनेज कर पाएंगे। आपको बजटिंग प्रति महीने सैलरी मिलने के बाद करना होगा और यह आपको एक कॉपी में नोट करते रहना है जिससे कि आपके पास आपके पर्सनल बजटिंग का रिकॉर्ड बन जायेगा और आप भविष्य में अपने रुपये को और अच्छे से मैनेज कर पाएंगे।

पर्सनल बजटिंग सभी लोगों का अलग-अलग होता है, लेकिन इसका एक नियम बहुत प्रचलित है जिसे 50-30-20 रुल (50/30/20 Rule) कहते है। इस नियम के अंतर्गत आपके सैलरी को तीन भागो में बाटने का नियम बनाया गया है जो कि इस प्रकार है:

50% हिस्सा आपके जरूरतों (Needs) जैसे कि खाना, घर का किराया, दफ्तर जाने का किराया, बिजली का बिल इत्यादि आते है। यह सभी आपके जरूरत के चीजे है जिनके बिना आपका जीवन बेहद कठिन हो जायेगा तथा आपको यह खर्चा करना अनिवार्य है आप चाहें तो भी इनको रोक नहीं सकते।

30% हिस्सा आपके शौख/खवाहिसो (Wants) जैसे कि नया कपड़े, होटल में खाने का खर्च, सिनेमा देखना इत्यादि आपके शोख में आते है अर्थात वे खर्चे जो आप कर भी सकते है परन्तु इन खर्चो को आप रोक भी सकते है।

20% हिस्सा आपके निवेश या बचत में जाना चाहिये। आप इन रुपयों को अपने भविष्य और इमरजेंसी में ही खर्च करते है। 20% एक न्यूनतम राशी मानी जाती है, जो कि हर व्यक्ति को बचाना ही चाहिये। यदि आप 20% से अधिक राशि अपने आय से बचत कर सकते है और उसे निवेश कर सकते हैं तो यह बहुत ही अच्छी बात हैं।

अपने कर्जो (लोन) को जल्द चुकाये (Pay Your Loans Earley)

आपको हमेशा कर्ज या Loan न लेने का प्रयास करना चाहिये। और आपको यदि किसी कारण कर्ज लेना भी परा तो उन चीजो के लिए ही लेना चाहिये जो कि बेहद जरूरी हो जैसे कि एडूकेशनल लोन (Education Loan) आदि। आपको हमेशा डेबिट कार्ड्स से ही पेमेंट करने का प्रयास करना चाहिये और क्रेडिट कार्ड्स को जितना हो सके कम इस्तेमाल करना चाहिये।

आपको हमेशा अपने लोन्स को समय से पहले चुकाना चाहिये यदि आप एक लम्बे समय के लिए लोन लिए है, तो हर वर्ष अगर आप अपने लोन का एक क़िस्त (Installment) भी अतिरिक्त देते है तो आपका लोन बहुत जल्दी ख़त्म हो जायेगा। अपने लोन्स को चुकाने के बाद जिन रुपयों से आप लोन का क़िस्त दे रहे थे, अब आप उन रुपये को निवेश कर के अतिरिक्त लाभ उठा पाएंगे।

आपको हमेशा प्रयास करना चाहिये कि आपके पास जो भी अतिरिक्त नकदी या रुपये है, उन रुपयों से अपने कर्ज को जल्द से जल्द चुकाये जब तक आपके लोन्स ख़त्म नहीं होते आपको निवेश नहीं करना चाहिये। परन्तु आपके पास हमेशा एक इमरजेंसी फण्ड (Emergency Fund) अवश्य होना चाहिये।

आप को हमेशा कर्ज (Loan) लेने के पहले फाइनेंसियल इमरजेंसी के लिए तैयार रहना चाहिये। जब तक आप वित्य तोर पर स्थिर नहीं होते है तब तक आपको किसी प्रकार का Loan नहीं लेना चाहिये।

फिजूल खर्च रोके (Stop Wasteful Spending)

हमारे पास पैसे नहीं बचने का सबसे बड़ा कारण हमारे फिजूल खर्च करने कि आदत होती है। यदि आप अपने खर्चो को नोट करेंगे और उनका विश्लेषण (Analysis) करेंगे तो उसमें से अधिकतम ऐसे खर्चे होंगे जिनको आप रोक सकते थे या उन खर्चो को करने कि कोई आवश्यकता नहीं थी।

आप अपने माशिक या डेली होने वाले खर्चो को भी कम कर सकते है जैसे कि मोबाइल का रिचार्ज, बिजली का बिल इत्यादि। आपके जरुरत के सामान जैसे रसोई का सामान (Groceries) इत्यादि को हमेशा सेल और अधिक मात्रा में खरीदने का प्रयास करना चाहिये जिससे आप उसमें पैसे बचा सकते है।

अगर आप भी फिजूल खर्च करते है तो यह अब तक आपका एक आदत बन गया होगा और अन्य आदतों कि तरह यह आदत भी आप आसानी से नहीं छोर पाएंगे। परन्तु यदि आप अपने फिजूल खर्चो को रोकने में सफल होते है तो आप अपने बचत को कई गुना बढ़ा सकते है।

फिजूल खर्च से बचने के लिए आपको एक नियम का पालन करना चाहिये जिसे 30 दिनों का नियम (30 Days Rule) कहते है:

30 दिनों के नियम के अंतर्गत आपको यदि किसी वास्तु को खरीदने कि आवश्यकता लगती है, तो आपको खुद से यह बात करनी चाहिये कि आप उस वस्तु को खरीदेंगे परन्तु 30 दिनों के बाद।

यदि 30 दिनों के बाद भी आपको उस वस्तु को खरीदने कि आवश्यकता है तो आप उस वास्तु को खरीद सकते है। यह नियम से चलने से आप देखेंगे आपके कई ऐसे खर्चे बंद हो जायेंगे जिनको करने कि कोई आवश्यकता ही नहीं थी।

अपने आय के स्त्रोत को बढ़ाएं (Increase Your Source Of Income)

अपने बचत को बढ़ाने का सबसे आसान तरीका अपने आय को बढ़ाना है। यदि आप अपने आय को बढ़ाते है और अपने खर्चो को पहले के जैसा ही रखते है तो आपके पास बचत के लिए अपने आप ही अधिक पैसे हो जायेंगे।

आप यदि कोई जॉब करते है, कोई व्यवसाय करते है या फिर आप जो भी करते है अपने प्राथमिक आय के स्रोत के लिए। उसके साथ-साथ ही आप अपने लिए एक अतिरिक्त आय का स्रोत बना सकते है और आज कल के डिजिटल ज़माने में ऐसे कई सारे तरीके मौजूद है।

आप निमंलिखित तरीकों से अपने आय के स्रोत को बढ़ा सकते है:

  1. ऑनलाइन पढ़ाये (Teach Online): कई ऐसे वेब साइट्स है जहाँ आप अन्य लोगों को पढ़ा या सिखा के पैसे कमा सकते है।
  2. एफिलिएट मार्केटिंग (Affiliate Marketing): आप कई सारे ऑनलाइन सेल्लिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिये अन्य लोगों के प्रोडक्ट्स को सेल कर के पैसे कमा सकते है।
  3. ब्लॉगर बनके (Become a Blogger): कई सारे वेब साइट्स के लिए ब्लोग्स लिख के पैसे कमा सकते है।
  4. सोशियल मिडिया के जरिये (Income From Social Media) : आप अपना खुद का यूट्यूब चैनल या फेसबुक या इनस्टाग्राम में पेज बना के अपने आय को बढ़ा सकते है।
  5. फ्रीलांसर बनके (Become A Freelancer): आप अपने योग्यता (Skills) के हिसाब से Free Lancer का काम करके अपने आय को बढ़ा सकते है।

आप बचत करना सिख गये है तो आगे पढ़े: सिर्फ बचत की आदत सही नहीं (Only Habit Of Saving Is Not Good)

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