म्यूचुअल फंड के 10 फायदे / 10 Benefits Of Mutual Fund

म्यूचुअल फंड एक बेहतरीन तरीका है उन लोगों के लिए जो लोग अपने निवेश से शेयर बाज़ार जितना रिटर्न प्राप्त करना चाहते है। परन्तु उनके पास कंपनियों के बारे में रिसर्च करने या उन्हें ट्रैक करने का समय नहीं रहता है।

म्यूचुअल फंड के 10 फायदे (10 Benefits Of Mutual Fund)

म्यूचुअल फंड आजकल बहुत प्रचलित है तथा आपके वित्त लक्ष्यों के प्राप्ति के लिए यह एक अच्छा एसेट क्लास (Asset Class) है, जहां आप निवेश कर सकते है।

म्यूचुअल फंड में निवेश के कई फायदे है और आज हमलोग उसमें से दस फायदों के बारे में जानेंगे और यह आपको म्यूचुअल फंड को समझने में और भी सहायता करेंगे।

विशेषज्ञों द्वारा मैनेज (Manage by Experts)

सभी प्रकार के म्यूचुअल फंड में आपके पैसो को विशेषज्ञों और उसके टीम द्वारा मैनेज किया जाता है। विशेषज्ञों द्वारा आपके पैसो को मैनेज करने से उसपर लाभ होने का अधिक संभावनाएँ होती है।

म्यूचुअल फंड मार्केट में कई कंपनियों में हाई कम्पटीशन होने के कारण सभी म्यूचुअल फंड मैनेजरों का यही प्रयास रहता है कि आपको आपके पैसो पर अधिक से अधिक लाभ (Returns) कि प्राप्ति कराये।

म्यूचुअल फंड में आपके पैसे विशेषज्ञों द्वारा मैनेज करने से उन लोगों के पास अधिक जानकारी रहती है, कि आपके पैसो को कब, कहा और कितने मात्रा में निवेश करना चाहिये।

निवेश के कई विकल्प (Many Options for Investment)

कई अन्य एसेट क्लास (Asset Classe) के तुलना में म्यूचुअल फंड में आपको निवेश के कई विकल्प मिलते है। म्यूचुअल फंड में आपको इक्विटी (Equity) के साथ-साथ कई अन्य एसेट क्लास के विभिन्न भागो में भी निवेश करने का विकल्प होता है।

म्यूचुअल फंड में आप अपने रुपये को अपने जरूरतों, जोखिम लेने की क्षमता और लक्ष्यों के अनुसार मौजूदा कई विकल्पों में निवेश कर सकते है

यदि आप गोल्ड में निवेश करना चाहते है तो आप गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते है, अगर आप किसी देश के शेयर बाजार के इंडेक्स में निवेश करना चाहते है तो आप उस देश के इंडेक्स म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते है,।

कम जोखिम चाहिये फिक्स्ड डिपॉजिट जितना लाभ चाहिये तो डेब्ट या लिक्विड म्यूचुअल फंड है जिसमें आप अपना निवेश कर सकते हैं।

सरकार द्वारा सुरक्षित (Secure by Government)

भारत में स्थित सभी म्यूचुअल फंड भारत सरकार द्वारा स्थापित कि गई भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (The Securities and Exchange Board of India) जिसे SEBI के नाम से जाना जाता है इसके निर्देशों और निगरानी के अंतर्गत आते है

सभी म्यूचुअल फंड SEBI के बनाये गए नियमों को पालन कर के ही निवेशकों के पैसो को निवेश करते है

SEBI निवेशकों के जरूरत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अपने नियमों में बदलाव भी करते रहती है।

SEBI के अंतर्गत रहने के कारण सभी म्यूचुअल फंड में किसी भी प्रकार के धोखे धरी से आपका निवेश सुरक्षित रहता है

निवेश के लिए न्यूनतम धन (Small Amount for Investment)

म्यूचुअल फंड में आप अपने निवेश कि शुरुआत न्यूनतम 100 रुपये से कर सकते है। आपको कई सारे ऐसे म्यूचुअल फंड मिल जायेंगे जिसमें आप सिप (SIP) के जरिये 100 रुपये या 500 रुपये एकमुश्त (Lumpsum) जमा कर सकते है।

म्यूचुअल फंड में शुरुआत में आपके द्वारा जमा कि गई धनराशि आपको बहुत छोटा प्रतीत होगा परन्तु समय और निरंतर निवेश करते रहने से वही धनराशि आपको एक समय के बाद बहुत बड़ा लगने लगेगा

म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए धनराशि कि आवश्यकता न्यूनतम होने के कारण आप इसमें अपना निवेश आसानी से प्रारंभ कर सकते है

म्यूचुअल फंड में निवेश के पहले करे अपनी बचत की शुरुआत इसके लिए पढ़िए अपने बचत को कैसे बढ़ाये / How To Increase Your Savings

निवेश में तरलता और पारदर्शिता  (Liquidity & Transparency of Investment)

अन्य एसेट्स क्लास तथा निवेश कि उपकरण जैसे- फिक्स्ड डिपाजिट (FD), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), नेशनल पेंशन योजना (NPS) इत्यादि में लॉकिंग पीरियड होता है।

अतः आप अपने निवेश को एक निश्चित समय के बाद ही निकाल पाएंगे। परन्तु म्यूचुअल फंड में ऐसे कई फंड है जिसमें कोई लॉकिंग पीरियड नहीं होता है और आप जब चाहे अपने पैसो को निकाल सकते है।

भारतीय सरकार द्वारा संगठित सेबी (SEBI) के सख्त निर्देशों के अनुसार सभी म्यूचुअल फंड कंपनियों को अपने निवेशको को सभी प्रकार कि जानकारियाँ देना अनिवार्य है जैसे- फंड का रिस्क, पोर्टफोलियो अपडेट, एक्सपेंस रेशियों, नेट एसेट वैल्यू (NAV) और अन्य जानकारियाँ। इन सभी जानकारियों के वजह से म्यूचुअल फंड में पारदर्शिता (Transparency) बनी रहती है।

तुलनात्मक रूप में कम जोखिम (Comparatively Low Risk)

म्यूचुअल फंड में निवेश को एक विशेषज्ञ और उनके टीम द्वारा मैनेज किया जाने के कारण, इसमें जोखिम कि मात्रा शेयर बाज़ार में सीधे निवेश करने के तुलना में बहुत ही कम होता है

सभी विशेषज्ञ अपने काम में बहुत ही पेशेवर होते है और वे शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में आपके निवेश को मैनेज करते है जिससे आपको अपने निवेश को ट्रैक करने कि परेशानी नहीं होती है।

म्यूचुअल फंड में भी जोखिम होता है, लेकिन सभी म्यूचुअल फंड किसी एक कंपनी में निवेश ना करके कई सारे कंपनियों के शेयर में निवेश करते है जिसके कारण एक कंपनी में नुकसान या दिवालिया होने पर भी आपका निवेश सुरक्षित रहता है और इससे म्यूचुअल फंड में जोखिम सीधे शेयर बाजार में निवेश करने की तुलना मे बहुत ही काम हो जाता है

टैक्स में बचत (Tax Saving)

म्यूचुअल फंड में ऐसे विकल्प है जिसके अंतर्गत आपको आयकर अधिनियम कि धारा 80C के नियम के अनुसार कर (Tax) में छुट मिलता है। अतः आप ऐसे म्यूचुअल फंड के विकल्पों में निवेश करके अपना टैक्स बचा सकते है।

उदाहरण के लिए इक्विटी-लिंक्ड बचत योजना या ELSS (Equity Linked Savings Scheme). इस योजना में लॉकिंग पीरियड होता हैऐसे योजनाओं कि सहायता से आप लम्बे समय में इक्विटी के लाभ के साथ-साथ टैक्स बचत का अतिरिक्त लाभ उठा सकते है

कम चार्जेस (Low Charges)

म्यूचुअल फंड में आपको अपने निवेशित राशि पर एक चार्ज देना होता है जिसे एक्सपेंस रेशियों (Expense Ratio) कहते है। यह चार्ज आपके निवेश के लिए चुने गए फंड के प्रकार पर निर्भर होता है। सामान्यता एक्सपेंस रेशियों सभी म्यूचुअल फंड में बहुत ही कम होता है।

SEBI सभी म्यूचुअल फंड के लिए नियम निर्धारित किया है। जिसके अंतर्गत कोई भी म्यूचुअल फंड आपको अपने एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) के अनुपात में 2.5% से अधिक चार्ज नहीं कर सकता है। अतः जितना बड़ा AUM होगा आपका चार्ज भी उतना कम होता जायेगा।

निवेश में विविधता (Diversification Of Investment)

यदि आप कई सारे अन्य एसेट क्लास में निवेश करते है और आप अपने निवेश में विविधता ( Diversification) चाहते है तो आपको म्यूचुअल फंड में अवश्य ही निवेश करना चाहिये

आप अपने रिस्क मैनेजमेंट और अतिरिक्त रिटर्न्स के लिए म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते है।

म्यूचुअल फंड में उपस्थित कई सारे विकल्पों जैसे डेब्ट फंड, लिक्विड फंड, इक्विटी फंड इत्यादि में से आप अपने विविधता के मांग के अनुसार चुनाव कर के अपना निवेश कर सकते है

यदि आप सिर्फ म्यूचुअल फंड में निवेश करते है तो भी इसमें इतने निवेश के कल्प है कि आप अपना एक डाइवर्सिफाइ (Diversify) पोर्टफोलियो बना सकते है।

अच्छे रिटर्न्स और लक्ष्य निर्धारित निवेश (Good Returns & Goal Determined Investment)

महंगाई प्रति दिन बढ़ती जा रही है और इसी प्रकार यह आगे भी बढ़ती जायेगी जिसके कारण आपके पास मौजूद रुपये का मूल्य दिन प्रतिदिन घटते जायेगा

इसके कारण आपको महंगाई के दर के तुलना में अधिक दर से अपने रुपयों को बढ़ाना होगा। म्यूचुअल फंड उन विकल्पों में से एक है जो पिछले कई समय से अपने निवेशकों को महंगाई (Inflation) के दर से भी अधिक रिटर्न्स दिए है।

यदि आप लक्ष्य निर्धारित करके निवेश करते है तो म्यूचुअल फंड आपके लिए एकदम सही है इसमें मौजूद विकल्पों और योजनाओं को अपने लक्ष्य के अनुसार चुन कर SIP या Lumpsum निवेश करके अपने वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त कर सकते है

म्युचुअल फंड के बारे में अधिक जानकारी के लिए आगे पढ़े Mutual Fund का सम्पूर्ण ज्ञान हिन्दी में समझे

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